gobi mooli gajar ka achar is ready

Gobi mooli gajar ka achar recipe | गाजर गोभी का अचार |

gobi mooli gajar ka achar is a pickle made from carrot, radish and cauliflower. few spices alongwith mustard seeds and mustard oil are used with the vegetables to make the pickle.

gajar mooli gobhi ka achar | carrot radish cauliflower pickle recipe |

गोभी गाजर मूली का अचार के नाम से समझ आ रहा है कि इस अचार में किन-किन सब्ज़ियों का उपयोग किया गया है। लेकिन आप चाहें तो अपनी पसंद के हिसाब से सिर्फ गाजर गोभी का अचार या गाजर मूली का अचार भी बना सकते हैं।

अचार पसंद करने वालों के लिए गोभी गाजर मूली का अचार वैरायटी देता है। मौसमी सब्ज़ियों की मदद से बना ये अचार इन सब्ज़ियों को खाने का एक और तरीका भी है। बेहद कम समय में बन जाने वाले इस अचार में सरसों का तेल और राई का फ्लेवर उभर कर आता है।

जब कभी सब्ज़ी बनाने का मन न हो या घर में सब्ज़ी न हो तो ऐसे में सब्ज़ी की कमी पूरी करेगा ये गोभी गाजर मूली का अचार। हाँ, लेकिन एक बात तो है कि इस अचार को ज़्यादा दिनों के लिए स्टोर करके नहीं रखा जा सकता। इसे बनने के बाद 15-20 दिनों के अंदर में ही खाकर ख़त्म कर देना चाहिए। ये अचार ताज़ा भी खाया जा सकता है। तो आइये देखते हैं कि कैसे बनाया गया है गोभी गाजर मूली का अचार।

 

सामग्री गोभी गाजर मूली का अचार के लिए | ingredients for gajar gobi mooli ka achar |

  • गाजर -250 ग्राम
  • मूली – 250 ग्राम
  • फूलगोभी -250 ग्राम
  • नींबू -2
  • सरसों का तेल – 50 ग्राम
  • राई (दरदरी पिसी हुई )- 1 टेबलस्पून
  • लाल मिर्च पाउडर -1/2 टेबलस्पून
  • हल्दी पाउडर – 1 टीस्पून
  • हींग – 1 चुटकी
  • नमक – स्वादानुसार

 

गोभी गाजर मूली का अचार बनाने की विधि | gobi mooli gajar ka achar recipe in hindi |

1. गाजर, मूली, गोभी को अच्छी तरह से पानी से धो लें।

2. गाजर और मूली को छीलकर उनके करीब 2 इंच लम्बे और पतले टुकड़े काट लें। गोभी के भी लगभग डेढ़ – 2 इंच बड़े टुकड़े काट लें।

3. कटी हुई सब्ज़ियों को एक सूती कपड़े पर फैलादें ताकि उनका पानी सूख जाए।

*सब्ज़ियों को एकदम सुखाना नहीं है बल्कि थोड़ी देर उन्हें फैलाकर रखना है ताकि वो बाहर से थोड़ी सूख जाएँ।

4. एक कड़ाही में सरसों के तेल को धुँआ उठने तक तेज़ आंच पर गर्म करें। जैसे ही तेल में से धुँआ उठने लगे, गैस को  बंद कर दें और तेल को थोड़ा ठंडा होने दें।

*ध्यान रखें तेल को एकदम ठंडा नहीं करना है, उसे हल्का गरम रहने दें।

5. थोड़ा ठंडा होने पर तेल में हींग, दरदरी पिसी हुई राई, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छे से मिलाएं। अब इस मसाले को पूरी तरह से ठण्डा होने के लिए रख दें।

6. मसाला पूरी तरह ठंडा होने पर इसमें कटी हुई सब्ज़ियाँ (वो सब्ज़ियां जिन्हें हमने ऊपर काटकर सुखाया है) और नींबू का रस डालकर अच्छे से मिलायें। गोभी गाजर मूली का अचार तैयार है लेकिन इसे अभी नहीं खाया जा सकता क्योंकि इसे 1-2 दिन तक पकाने के लिए रखना पड़ेगा ताकि पिसी हुई राई अच्छे से गल जाए।

7. एक कांच के जार में इस अचार को भरकर 1-2 दिन के लिए रखे रहने दें ताकि ये पक जाए। हाँ, लेकिन इसे एक -दो बार चम्मच की मदद से हिला दें।

8. 1-2 दिन बाद अचार खाने के लिए तैयार हो जाएगा। फिर किसी भी तरह के परांठे या रोटी के साथ इसका मज़ा लें।

नोट– इस अचार को बनने के 15-20 दिनों में ही खाकर ख़त्म कर देना चाहिए।

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