dal bati are ready to serve

dal bati recipe | दाल बाटी रेसिपी | bati recipe |

bati are roasted, hard balls made from wheat flour. they are served mainly with dal, therefore the whole dish is popularly known as dal bati.  

 

  • बनाने में लगने वाला कुल समय – 1 घंटा 30 मिनट
  • तैयारी का समय – 30 मिनट
  • पकाने का समय – 1 घंटा
  • serving – 3 लोगों के लिए

 

राजस्थान का प्रसिद्ध व्यंजन है – दाल बाटी (dal bati)। गेहूं के आटे (wheat flour) से बनी थोड़ी चपटी गेंद (flatten ball) की तरह होती हैं बाटी। इन्हें हमेशा दाल के साथ परोसा जाता है। क्यूंकि दाल के बिना बाटी अधूरी होती है इसीलिए इस व्यंजन (dish) में दाल और बाटी का नाम साथ में ही लिया जाता है।

 

dal bati are ready to serve

 

 

मेरे घर में कुछ दिन तय हैं जब दाल बाटी (dal bati) बनाई जाती है जैसे गणेश चतुर्थी और मेरे पापा के जन्मदिन (birthday) पर। मेरे पापा को दाल बाटी बहुत पसंद है इसीलिए मेरी माँ उनके जन्मदिन पर हमेशा दाल बाटी बनाती हैं। वैसे तो दाल बाटी कभी भी बनाकर खाई जा सकती है। दाल बाटी (dal bati) अपने आप में काफी होता है इसके साथ रोटी, पराठा बनाने की ज़रुरत नहीं होती।

how to make dal bati at home | how to make bati | bati recipe |

बाटी के बारे में

बाटी (baati) बनाने के लिए गेहूं के मोटे पिसे आटे की ज़रुरत पड़ती है। लेकिन अगर मोटा आटा न हो तो साधरण आटे में सूजी मिलाकर भी बाटी बनाई जा सकती है। गेहूं के आटे के पेड़े बनाकर उन्हें तंदूर में धीमी आंच पर सेका जाता है। बाटी को अंदर तक अच्छे से सेकने के लिए उनको धीमी आंच पर ही सेकना चाहिए। क्यूंकि अगर बाटी अंदर तक सिकी नहीं होंगी तो उनका मज़ा किरकिरा हो जाएगा। बाटी को सेकने के बाद इन्हें घी में डुबोया जाता है। जिस वजह से बाटी में घी की सौंधी खुशबू (fragrance) आती है जो कि वाकई में मन मोहक होती है।

बाटी के साथ खाई जाने वाली दाल के बारे में

बाटी के साथ खाई जाने वाली दाल कई सारी दालों को मिलाकर बनाई जाती है। दालें जैसे तुअर दाल, चना दाल, मसूर दाल, मूंग दाल, उदड़ दाल अादि। इसमें तुअर दाल और चना दाल मुख्य हैं बाकी दालों में अाप अपनी पसंद के हिसाब से चाहें हो छिलके वाली दालें या चाहें तो बिना छिल्के वाली दालें ले सकते हैं। बाटी वाली दाल की रेसिपी लजीजखाना.कॉम (lajeezkhana.com) पर दी हुई है। बाटी वाली दाल बनाने के लिए दालों को उबालकर छौंका जाता है।

 

दाल बाटी परोसने के लिए

बाटी के साथ दाल के अलावा हरी चटनी अऊर चूरमा भी परोसे जाते हैं। चूरमा एक तरह की मिठाई होती है। सबसे खास बात वो ये कि बाटी को घी में डुबाकर कर ही परोसें। इससे बाटी के स्वाद में चार चांद लग जाएंगें। हाँ, कुछ लोग ज़्यादा घी खाना पसंद नहीं करते। मैं इतना ज़रूर कहूंगी की बाटी खाने के बाद अच्छे से पैदल घूम लीजिएगा लेकिन बाटी का मज़ा घी के साथ की लीजिएगा। गरमा गरम दाल बाटी (dal bati) खाने में बहुत अानंद अाता है। इसीलिए कोशिश कीजिए कि जब भी दाल बाटी खाएं गरम-गरम ही खाएं 🙂 ।

 

सामग्री बाटी बनाने के लिए – ingredients required to make bati (dal bati)

  • गेहूं का आटा – 3 कप
  • सूजी – 1/2 कप
  • मलाई – 1/2 कप
  • नमक – स्वादानुसार
  • घी – 2 टेबलस्पून
  • घी – बाटी डुबोने के लिए
  • दूध – आटा गूंथने के लिए

अगर आप गेहूं का मोटा पिसा हुआ इस्तेमाल कर रहे हैं तो सूजी डालने की ज़रुरत नहीं है।

दाल बाटी बनाने की विधि – dal bati recipe in hindi 

kneading dough for bati

1. बाटी (bati) बनाने के लिए एक बर्तन में गेहूं का आटा, सूजी, मलाई, 2 टेबलस्पून घी और नमक डालकर अच्छे से मिला लें। धीरे-धीरे दूध डालते हुए थोड़ा कड़ा आटा गूंथ लें और ढककर 20-25 मिनट के लिए एक तरफ रख दें। फिर आटे को दोबारा गूंध लें और उसे हिस्सों में बाँट लें। आटे का हर हिस्सा नींबू (lemon) के साइज (size) से थोड़ा बड़ा हो।

 

kneading dough to make bati - dal bati recipe step 1

 

 

roasting of bati

2. आटे के हिस्सों को पहले गोल बनाएं, फिर उसे दो तरफ से दबाकर हल्का सा चपटा (flatten) कर लें। जब तक बाटी को गोल कर रहे हैं तब तक बाटी बनाने गैस तंदूर को मध्यम आंच पर गरम होने के लिए रख दें। तंदूर गरम होने के बाद आंच को धीमी कर दें और गोल की हुई बाटियों के उसमें रख दें। धीमी आंच पर ही बाटियों को सिकने दें। लेकिन थोड़ी-थोड़ी देर में बाटियों को पलटते रहें ताकि वो सभी तरफ से अच्छे से सिक जाएँ।

3. इस तरह बाटियों को सब तरफ से सुनहरा भूरा (golden brown) होने तक सेक लें। बाटी सिकने में समय (time) थोड़ा ज़्यादा लगता है।लगभग 45 मिनट से 1 घंटे (hour) तक का समय बाटी को अच्छे से सिकने में लगेगा।

roasting bati - dal bati recipe step 2

 

serving of bati 

4. फिर बाटियों को गैस तंदूर में से बाहर निकाल लें और घी में डुबो दें। 10 -12 मिनट बाद घी में से बाटियों को निकालकर, दाल और ग्रीन चटनी के साथ परोसें। गरमा गरम दाल बाटी (dal bati) का मज़ा लें।

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